Rajyoga! : भाग्य बदलने वाला दुर्लभ ज्योतिषीय राज, जो आपको बना सकता है रंक से राजा..

Rupnagar (Punjab) | Astrologer Anil Kaushal

(How Neech Bhang Rajyoga Transforms Your Life) एक ही संयोग इंसान को रंक से राजा बना सकता है? ज्योतिष शास्त्र में ऐसा ही एक चमत्कारी योग है — नीचभंग राजयोग

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यह योग तब बनता है जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में होने के बावजूद विशेष परिस्थितियों में राजयोग जैसा शक्तिशाली फल देता है। इसे भाग्य का Turning Point भी कहा जाता है।


🔹 नीचभंग राजयोग क्या है?

ज्योतिष के अनुसार ग्रह लगातार अपनी गति से राशियों में गोचर करते रहते हैं। इस दौरान जब कोई ग्रह अपनी नीच राशि में होता है, तो सामान्यत: उसके प्रभाव नकारात्मक होते हैं।

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लेकिन! अगर उस ग्रह पर उच्च ग्रह या स्वामी ग्रह का विशेष प्रभाव हो, तो नीच ग्रह की अशुभता समाप्त होकर वह अद्भुत परिणाम देने लगता है। यही स्थिति नीचभंग राजयोग कहलाती है।

इसे आसान शब्दों में ऐसे समझें:

  • अगर कुंडली में कोई ग्रह नीच राशि में है और उसके साथ कोई उच्च ग्रह या स्वामी ग्रह केंद्र भाव में स्थित है, तो नीच ग्रह की शक्ति जागृत हो जाती है।
  • अगर ग्रह नीच राशि में वक्री हो, तब भी नीचभंग राजयोग बन सकता है।

🔸 कैसे बनता है नीचभंग राजयोग?

नीचभंग राजयोग बनने के कई खास नियम हैं, जैसे:

  1. उच्च ग्रह का प्रभाव → यदि नीच ग्रह के साथ उच्च ग्रह हो।
  2. केंद्र भाव में स्वामी ग्रह → नीच ग्रह की राशि का स्वामी ग्रह यदि केंद्र में हो।
  3. वक्री ग्रह → नीच ग्रह अपनी राशि में वक्री हो।
  4. विशेष युति → ग्रहों के बीच विशेष स्थिति या युति।

इन परिस्थितियों में नीच ग्रह का नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाता है और वही ग्रह जीवन में सौभाग्य, सफलता और तरक्की का कारण बनता है।


🔹नीचभंग राजयोग के सकारात्मक प्रभाव

अगर किसी जातक की कुंडली में नीचभंग राजयोग बन रहा हो, तो उसके जीवन में अद्भुत परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं:


🔸 नीचभंग राजयोग के नकारात्मक प्रभाव

हालांकि यह योग हमेशा शुभ नहीं होता। ग्रहों की स्थिति और युति के आधार पर इसके उल्टे परिणाम भी मिल सकते हैं:

  • बुध का प्रभाव → जातक की बुद्धि गलत कार्यों की ओर आकर्षित हो सकती है।
  • गुरु का प्रभावज्ञान, समझ और आध्यात्मिकता में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है।
  • अन्य ग्रहों का असर → यदि अशुभ ग्रह हावी हों, तो सफलता मिलने में देर हो सकती है।

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